Thursday, June 4, 2020

भारत को पहला वर्ल्ड कप दिलाने वाले कपिल देव का करियर ऐसे हुआ बुलंद

भारत ही नहीं दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में से एक कपिल देव (Kapil Dev) का जन्म 6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़, पंजाब में हुआ था। कपिल देव की बायोग्राफी (Kapil Dev Biography) की बात करें तो उनका जन्म चंडीगढ़, पंजाब में हुआ था। कपिल देव का करियर (Kapil Dev Career) बहुत ही मुश्किलों भरा रहा, लेकिन भारत को पहले वर्ल्ड कप दिलाने का श्रय भी कपिल देव को जाता है, 1983 में कपिल देव की कप्तानी में ही भारत ने पहला वर्ल्ड कप (World Cup 1983) जीता था। इस जीत के बाद भारत (India) में कपिल देव (Kapil Dev) और क्रिकेट सबकी जुबान पर आ गया। बहुत कम लोगों को ही पता होगा कि कपिल देव अक्टूबर 1999 से अगस्त 2000 तक भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के कोच भी रह चुके हैं। साल 1994 में जब कपिल देव ने क्रिकेट को अलविदा कहा तब तक कई यादगार रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो चुके थे। आगे जानें महान भारतीय खिलाड़ी कपिल देव के जिंदगी से जुड़ी कुछ रोचक बातें।Kapil Dev Career : भारत को पहला वर्ल्ड कप दिलाने वाले कपिल देव का करियर ऐसे हुआ बुलंद

 
कपिल देव का शुरूआती जीवन (Kapil Dev Biography)
कपिल देव का जन्म जन्म 6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़, पंजाब में हुआ था। उनका पूरा नाम कपिल देव राम लाल निखंज है। कपिल देव के पिता के नाम राम लाल निखंज और माता का नाम राज कुमारी है। उनकी मां का जन्म पाकपट्टन में सूफी संत बाबा फरीद के शहर में हुआ था। उनके पिता दीपालपुर के थे वे शाह याका में रहते थे जो अब ओकारा जिले पाकिस्तान में है। उनकी चार बहनें विभाजन से पहले पैदा हुई थीं और उनके दो भाई फाजिल्का (भारत) में थे, जो विभाजन के बाद पाकिस्तान चले गए। उनके पिता ने फाजिल्का में विभाजन के बाद अपना प्रारंभिक जीवन बिताया। फिर वो चंडीगढ़ आ गए। कपिल देव ने डी.ए.वी. स्कूल और 1971 में देश प्रेम आजाद से पढाई की है।

कपिल देव का घरेलू करियर (Kapil Dev Biography)
कपिल देव ने नवंबर 1975 में हरियाणा के लिए पंजाब के खिलाफ 06 विकेट लेकर पंजाब को महज 63 रनों पर रोक दिया और हरियाणा को जीत में मदद की। उन्होंने 30 मैचों में 121 विकेट के साथ सीजन को पूरा किया। उन्होंने सर्विसेज के खिलाफ पहली पारी में 8/38 के गेंदबाजी आंकडें के साथ 1977-78 का सीजन शुरू किया। दूसरी पारी में 3 विकेटों के साथ उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पहला 10 विकेट लिया, इस उपलब्धि को उन्होंने बाद में टेस्ट क्रिकेट में दो बार हासिल की।

4 मैचों में 23 विकेट के साथ उन्हें ईरानी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और विल्स ट्रॉफी मैचों के लिए चुना गया। 1979-80 के सीजन में कपिल देव ने दिल्ली के खिलाफ पहली शतक के साथ अपनी बल्लेबाजी की प्रतिभा दिखाई, जब उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ 193 रन बनाया। प्री-क्वार्टर फ़ाइनल मैच में उन्होंने उत्तर प्रदेश के खिलाफ पहली बार हरियाणा की कप्तानी की।

कपिल देव का इंटरनेशनल क्रिकेट (Kapil Dev Biography)
कपिल देव ने 16 अक्टूबर 1978 को पाकिस्तान के खिलाफ  फैसलाबाद में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। हालांकि उनका पहला मैच कुछ खास नहीं रहा था। पाकिस्तान के खिलाफ नेशनल स्टेडियम, कराची में तीसरे टेस्ट मैच के दौरान 33 गेंदों पर भारत की ओर से सबसे तेज टेस्ट अर्धशतक लगाकर कपिल देव ने अपने हरफनमौला प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कपिल देव ने खुद को भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज के रूप में स्थापित किया जब उन्होंने दो 5 विकेट लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 28 विकेट के साथ घरेलू श्रृंखला समाप्त की और 212 रन भी बनाए जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल था। कपिल देव ने वनडे क्रिकेट में डेब्यू 1 अक्टूबर 1978 को पाकिस्तान के खिलाफ किया था।