जब राजेश खन्ना का करियर अपने शिखर पर था तब राजेश खन्ना ने कई गलतियाँ की जिसका खामियाजा उन्हें आगे चलकर भुगतना पडा .उनकी इन्हीं बड़ी गलतियों में से एक थी यश चोपड़ा की फिल्म दीवार का ऑफर ठुकराना .इस फिल्म ने ना केवल खन्ना को स्टारडम की रेस में अमिताभ बच्चन से पीछे धकेल दिया बल्कि यश चोपड़ा जैसे बड़े निर्देशक से उनका सम्बन्ध हमेशा के लिए खराब हो गया .आखिर खन्ना ने ये फिल्म क्यों ठुकराई ? आइये जानते हैं..

जब सलीम-जावेद ने यश चोपड़ा को इस फिल्म की कहानी सुनाई उन दिनों चोपड़ा अमिताभ बच्चन को लेकर गर्दिश नामक फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे थे .चोपड़ा को इस फिल्म की कहानी इतनी पसंद आई की उन्होंने गर्दिश को ठन्डे बस्ते में डालकर 'दीवार' के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी. इस फिल्म के लिए राजेश खन्ना, चोपड़ा की पहली पसंद थे .लेकिन सलीम-जावेद खन्ना से मतभेदों के कारण अमिताभ को इस फिल्म में हीरो के तौर पर देखना चाहते थे.
लेकिन चोपड़ा ने उनकी बात नहीं मानी और खन्ना के साथ नवीन निश्छल को इस फिल्म के लिए साइन कर लिया .साइन करने के बाद यश चोपड़ा काफी दिनों तक खन्ना के डेट्स का इंतज़ार करते रहे लेकिन खन्ना ने चोपड़ा को डेट्स नहीं दी .इसी बात को लेकर एक दिन चोपड़ा और खन्ना में बहस हो गई जिससे नाराज हो कर खन्ना ने फिल्म में काम करने से ही इंकार कर दिया.
चोपड़ा पर खन्ना के काफी एहसान थे .क्योंकि जब चोपड़ा की पहली फिल्म 'दाग' में कोई बड़ा हीरो काम करने को तैयार नहीं था तब खन्ना ने ही यश चोपड़ा की मदद करते हुए बिलकुल मुफ्त में उनकी फिल्म में काम किया था. इसी बात का लिहाज करते हुए चोपड़ा ने खन्ना को समझाने की काफी कोशिश की .लेकिन खन्ना टस से मस नहीं हुए उलटे उन्होंने चोपड़ा को साइनिंग अमाउंट लौटाते हुए किसी और को फिल्म में साइन कर लेने को कहा.
अब चोपड़ा के पास कोई चारा ही नहीं बचा .आखिरकार उन्होंने अमिताभ बच्चन को फिल्म दीवार का हीरो बना दिया. इस फिल्म ने अपने जमाने में सफलता का इतिहास ही रच दिया. दीवार 1975 में एक करोड़ की कमाई करने वाली पहली फिल्म थी.